होली के मद्देनजर 108 सेवा अलर्ट मोड पर, कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त..
उत्तराखंड: उत्तराखंड समेत देशभर में होली का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। रंगों और जश्न के इस त्योहार के दौरान सड़क दुर्घटनाओं, झगड़े या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। प्रदेश में 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को हाई अलर्ट पर रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
देहरादून स्थित मुख्यालय में 108 सेवा के जीएम अनिल शर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में त्योहार के दौरान एंबुलेंस की उपलब्धता, संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती और कॉल रिस्पॉन्स समय को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हाल में आपातकालीन सेवा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। होली को देखते हुए सभी एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं और अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। देहरादून के सर्वेचौक, घंटाघर, जाखन, रायपुर, बल्लूपुर चौक, प्रेमनगर, विधानसभा और रेसकोर्स जैसे प्रमुख चौराहों पर एंबुलेंस की तैनाती की गई है, ताकि सूचना मिलते ही किसी भी दिशा में तुरंत रवाना किया जा सके।
संवेदनशील इलाकों में तैनात एंबुलेंस जाम में न फंसे, इसके लिए तकनीकी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। देहरादून स्थित सेंट्रल कॉल सेंटर को ट्रैफिक की पूर्व सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर पुलिस विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा। मैदानी जिलों में एंबुलेंस के साथ सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का भी प्रयास किया जा रहा है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रदेशभर में 18 अतिरिक्त बैकअप एंबुलेंस भी तैयार रखी गई हैं। यदि किसी स्थान पर एंबुलेंस खराब होती है या किसी अन्य कारण से सेवा बाधित होती है, तो तुरंत बैकअप वाहन भेजा जाएगा। केंद्रीय कॉल सेंटर में होली के दौरान कॉल वॉल्यूम बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त तकनीकी स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि कॉल रिस्पॉन्स में देरी न हो।
पिछले वर्ष होली के दौरान 13 से 15 मार्च के बीच सामान्य दिनों की तुलना में अधिक आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई थीं। तीन दिनों में कुल 1,186 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 295 प्रसव संबंधी, 160 सड़क दुर्घटना से जुड़े, 32 हृदय रोग के और 699 अन्य आपात स्थितियों के मामले शामिल थे। इन्हीं आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष पहले से अधिक सतर्कता बरती जा रही है। देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल समेत सभी जिलों में मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक सक्रिय रहकर तैनात कर्मचारियों की निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करेंगी। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि त्योहार की खुशियों के बीच किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल और निर्बाध चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि होली का पर्व सुरक्षित और सकुशल संपन्न हो सके।


