फसलों की सुरक्षा के लिए केंद्र से 25 करोड़ की मदद, 44 हजार से अधिक किसानों को लाभ..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में जंगली जानवरों से किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान को कम करने के लिए चलाई जा रही घेर-बाड़ योजना को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली है। किसानों की इस समस्या को देखते हुए केंद्र ने योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की है। राज्य सरकार का कहना है कि इस सहयोग से प्रदेश में खेतों की सुरक्षा के लिए चल रहे कार्यों को और गति मिलेगी। दरअसल पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में जंगली जानवरों के कारण किसानों की फसलें अक्सर नुकसान का सामना करती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने खेतों के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाने की घेर-बाड़ योजना लागू की है। पहले इस योजना को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत केंद्र से आर्थिक सहयोग मिलता था, लेकिन कुछ समय पहले यह सहायता बंद हो गई थी।
किसानों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस विषय को केंद्र सरकार के सामने प्रमुखता से उठाया। हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। इसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने उत्तराखंड के लिए 25 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत कर दी है। इस संबंध में मंत्रालय की ओर से विभाग को औपचारिक पत्र भी प्राप्त हो चुका है। विधानसभा सत्र के दौरान सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पिछले तीन वर्षों में जिला योजना के माध्यम से राज्य में 2841 हेक्टेयर कृषि भूमि की घेर-बाड़ कराई जा चुकी है।
इस पहल से अब तक 44 हजार 429 किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिला है। सरकार का मानना है कि खेतों की सुरक्षा के लिए यह योजना किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। राज्य सरकार इस योजना को आगे भी विस्तार देने की तैयारी में है। इसी क्रम में चालू वित्तीय वर्ष के बजट में घेर-बाड़ योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और किसानों की आय सुरक्षित रह सके।

