आपदा प्रबंधन के लिए 32 वरिष्ठ अधिकारी 24 घंटे ड्यूटी पर, एसओईसी में तीन शिफ्टों में तैनाती..
उत्तराखंड: प्रदेश में संभावित आपदा और आकस्मिक परिस्थितियों के दृष्टिगत राज्य सरकार ने निगरानी व्यवस्था को और सशक्त किया है। शासन ने आदेश जारी कर 32 अपर सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (State Emergency Operation Center – SEOC) में 24 घंटे रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर तैनात करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम आगामी मौसम में संभावित भूस्खलन, भारी वर्षा, बादल फटने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रभावों की पूर्व तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ये अधिकारी राउंड-द-क्लॉक निगरानी, आपदा प्रबंधन तंत्र के समन्वय, और आवश्यक सूचनाओं के तत्काल प्रसारण की जिम्मेदारी निभाएंगे। यह टीम आपदा की स्थिति में जमीनी सूचना एकत्र करने, राहत कार्यों के समन्वय, और स्थानीय प्रशासन से संवाद बनाए रखने में सहायक होगी।
सचिव विनोद कुमार सुमन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अधिकारी निम्नलिखित तीन शिफ्टों में ड्यूटी पर रहेंगे। सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक। आदेश में प्रत्येक अधिकारी के ड्यूटी दिवस और समय का विवरण भी शामिल है। यह व्यवस्था आगामी मानसून और पर्वतीय क्षेत्रों में संभावित भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़ जैसी आपात स्थितियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए की गई है। इस पहल का उद्देश्य राज्यभर से आने वाली आपात सूचनाओं की त्वरित समीक्षा, राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय, तथा स्थानीय प्रशासन से निरंतर संवाद बनाए रखना है।
जिनकी ड्यूटी लगाई है, उसमें अपर सचिव आनंद स्वरूप, देव कृष्ण तिवारी, राजेंद्र कुमार, विनीत कुमार, डॉ आनंद श्रीवास्तव, मनुज गोयल, गौरव कुमार, अनुराधा पाल, वरुण चौधरी, प्रशांत कुमार आर्य, रुचि मोहन रयाल, प्रकाश चंद्र हैं। अपर सचिव सीएस धर्मशक्तू, रवनीत चीमा, वीर सिंह बुदियाल, प्रदीप सिंह रावत, अपूर्वा पांडेय, अतर सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपर सचिव मदन मोहन सेमवाल, निधि यादव, सुरेश चंद्र जोशी, लक्ष्मण सिंह, गरिमा रौंकली, कविंद्र सिंह, महावीर सिंह चौहान, मायावती ढकरियाल, प्रदीप जोशी, श्याम सिंह चौहान, डॉ. पूजा और जितेंद्र सोनकर की ड्यूटी लगाई गई है।