दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुगम चुनाव व्यवस्था की तैयारी तेज, हर बूथ पर होंगी जरूरी सुविधाएं..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में आगामी चुनावों को सभी के लिए सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में चुनाव आयोग ने अहम कदम उठाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में स्टेट स्टीयरिंग कमेटी ऑन एक्सेसिबल इलेक्शन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के हर एक मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) पर दिव्यांगजनों के लिए आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं निर्विरोध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। इन सुविधाओं में रैम्प, व्हीलचेयर, शौचालय, पीने का पानी, शेड और बैठने की व्यवस्था शामिल हैं। डॉ पुरुषोत्तम ने कहा कि आयोग की प्राथमिकता है कि कोई भी मतदाता, विशेषकर दिव्यांगजन, किसी भी प्रकार की असुविधा या अवरोध के कारण मतदान से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और जहां कमी हो, वहां तत्काल सुधार हो।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित स्टेट स्टीयरिंग कमेटी ऑन एक्सेसिबल इलेक्शन की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। डॉ पुरुषोत्तम ने समाज कल्याण विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि विभाग में पंजीकृत सभी दिव्यांग पेंशनधारकों को मतदाता सूची में पीडब्ल्यूडी श्रेणी में शत-प्रतिशत दर्ज किया जाए। इसके लिए उन्होंने निर्देश दिया कि हर तीन महीने में 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को अद्यतन सूची तैयार कर निर्वाचन विभाग को अनिवार्य रूप से सौंपी जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग मतदाताओं के चिन्हीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि उन्हें समय पर सुविधाएं प्रदान की जा सकें। डॉ पुरुषोत्तम ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि हर मतदान केंद्र पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैम्प, व्हीलचेयर, पीने का पानी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और शेड जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रत्येक ज़िले में डिस्ट्रिक्ट स्वीप पीडब्ल्यूडी आइकॉन चिन्हित करने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य है कि दिव्यांगजनों को मतदान के लिए प्रेरित किया जा सके और उनके बीच जागरूकता फैलाई जाए।
बैठक में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विद विजुअल डिसएबिलिटीज़ (NIEPVD) को निर्देशित किया गया कि वह ब्रेल लिपि में मतदाता जागरूकता सामग्री तैयार करे, ताकि दृष्टिबाधित मतदाता भी आगामी चुनावों में पूरी जानकारी और अधिकार के साथ भागीदारी कर सकें। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने जानकारी दी कि राज्य में वर्ष 2018 से तीन स्तरों राज्य, जनपद और विधानसभा पर विशेष समितियां गठित की गई हैं। ये समितियां समय-समय पर बैठकों के माध्यम से चुनाव तैयारियों और दिव्यांगजनों से संबंधित कार्यों की समीक्षा करती हैं।


