ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को लेकर आरवीएनएल अध्यक्ष का बड़ा बयान..
उत्तराखंड: रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के नव नियुक्त अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सलीम अहमद ने स्पष्ट किया है कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को हर हाल में दिसंबर 2028 से पहले पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है, साथ ही विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। प्रबंध निदेशक अपने दो दिवसीय दौरे पर ऋषिकेश पहुंचे, जहां पहले दिन उन्होंने आरवीएनएल परिसर में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की मौजूदा प्रगति, तकनीकी चुनौतियों, भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों और समयबद्ध क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई।
उत्तराखंड के विकास में अहम भूमिका निभाएंगी सुरंग परियोजनाएं..
सलीम अहमद ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में आरवीएनएल द्वारा निर्मित की जा रही रेल सुरंग परियोजनाएं राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इन परियोजनाओं से न केवल रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की गति भी तेज होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान उच्च गुणवत्ता मानकों, सुरक्षा उपायों और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना को न्यूनतम नुकसान पहुंचे। बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि जहां रेलवे सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है, वहां समानांतर रूप से रोड सुरंगों के निर्माण की संभावनाओं को भी तलाशा जा सकता है।
इससे सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों को तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की बहुउद्देशीय सुरंगों से पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा का समय कम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आपातकालीन परिस्थितियों में भी बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी। आरवीएनएल के सीएमडी ने दो टूक कहा कि परियोजना के हर चरण की नियमित समीक्षा की जाएगी और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को लेकर आरवीएनएल प्रबंधन का यह रुख राज्य के बुनियादी ढांचे, पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए एक सकारात्मक और दूरदर्शी संकेत माना जा रहा है।


