अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शिक्षा विभाग सक्रिय..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में चयनित शिक्षकों की तैनाती प्रक्रिया अब जल्द शुरू होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए काउंसलिंग कार्यक्रम तय कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार चयनित प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों की काउंसलिंग आठ और नौ जून को आयोजित की जाएगी। इसके बाद शिक्षकों को विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक मुकुल कुमार सती ने इस संबंध में सभी मंडलीय अपर निदेशकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से चयनित प्रवक्ताओं की काउंसलिंग शिक्षा निदेशालय में संपन्न होगी। वहीं चयनित सहायक अध्यापक एलटी संवर्ग की काउंसलिंग संबंधित मंडलीय कार्यालयों में आयोजित की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अनुसार काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चयनित शिक्षकों को निर्धारित तिथि और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। निर्देशों में अवकाश को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। गर्मियों की छुट्टियों वाले विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को काउंसलिंग में शामिल होने के लिए अलग से अवकाश नहीं दिया जाएगा। जबकि शीतकालीन अवकाश वाले विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को वास्तविक यात्रा अवधि सहित काउंसलिंग की तिथि पर अवकाश स्वीकृत किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी परेशानी के प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
अटल उत्कृष्ट विद्यालय योजना के तहत प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इन विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के लिए चयनित शिक्षकों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि योग्य और चयनित शिक्षकों की तैनाती से विद्यार्थियों को आधुनिक और प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा का लाभ मिलेगा। शिक्षकों की काउंसलिंग और तैनाती प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेशभर के अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में लंबे समय से खाली चल रहे पदों को भरने में मदद मिलेगी। इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।
