• मुख्य पृष्ठ
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमाऊँ
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य
    • अपनी बात
    • वायरल वीडियो
    • जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट
    • सरकारी योजनाएँ
Saturday, July 25, 2026
No Result
View All Result
  • मुख्य पृष्ठ
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमाऊँ
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य
    • अपनी बात
    • वायरल वीडियो
    • जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट
    • सरकारी योजनाएँ
No Result
View All Result
No Result
View All Result

बजरंग सेतु के कांच वाले रास्ते पर चलना पड़ेगा महंगा, कांवड़ यात्रा में पूरी तरह बंद रहेगा ये हिस्सा..

Admin by Admin
2026-07-24
in उत्तराखंड
0 0
0
बजरंग सेतु के कांच वाले रास्ते पर चलना पड़ेगा महंगा, कांवड़ यात्रा में पूरी तरह बंद रहेगा ये हिस्सा..
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whats App

बजरंग सेतु के कांच वाले रास्ते पर चलना पड़ेगा महंगा, कांवड़ यात्रा में पूरी तरह बंद रहेगा ये हिस्सा..

 

 

 

उत्तराखंड: तीर्थनगरी ऋषिकेश में गंगा नदी पर बने आधुनिक बजरंग सेतु के संचालन को लेकर प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। पुल के सुरक्षित संचालन, भीड़ नियंत्रण और रखरखाव के लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पुल के सामान्य हिस्से से आम लोगों की आवाजाही पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन दोनों ओर बनाए गए पारदर्शी कांच के फुटपाथ पर प्रवेश के लिए शुल्क लिया जा सकता है। वहीं कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा कारणों से इस हिस्से को पूरी तरह बंद रखने की योजना है। करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में तैयार किया गया है। लगभग 132.30 मीटर लंबे और 8.60 मीटर चौड़े इस पुल का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। पुल का मुख्य मार्ग सामान्य आवागमन के लिए बनाया गया है, जबकि दोनों ओर बनाए गए ग्लास वॉकवे को पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित किया गया है।

ग्लास वॉकवे पर प्रवेश के लिए बन सकती है टिकट व्यवस्था

प्रशासन का मानना है कि कांच के फुटपाथ पर एक साथ अधिक लोगों के पहुंचने से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में इस हिस्से में प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए टिकट या प्रवेश शुल्क की व्यवस्था लागू की जा सकती है। इससे न केवल भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा, बल्कि पुल के रखरखाव और संचालन के लिए आवश्यक संसाधन भी जुटाए जा सकेंगे। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो श्रद्धालु और पर्यटक सामान्य पुल से बिना किसी शुल्क के आवागमन कर सकेंगे, जबकि गंगा के ऊपर पारदर्शी कांच पर चलने का अनुभव लेने के लिए अलग शुल्क देना होगा। हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु ऋषिकेश और हरिद्वार पहुंचते हैं। इस दौरान पुलों और मार्गों पर भारी भीड़ रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन कांवड़ यात्रा के दौरान बजरंग सेतु के ग्लास वॉकवे को पूरी तरह बंद रखने की तैयारी कर रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु पुल के सामान्य हिस्से का उपयोग कर सकेंगे, लेकिन कांच वाले फुटपाथ पर किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिलेगा। इसका उद्देश्य भीड़ के दबाव से पुल के संवेदनशील हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बजरंग सेतु का ग्लास वॉकवे अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। इसमें सामान्य कांच की जगह पांच परतों वाले टफेंड ग्लास का उपयोग किया गया है। प्रत्येक परत लगभग 12 मिलीमीटर मोटी है और कुल मोटाई करीब 60 मिलीमीटर है, जिससे इसकी मजबूती कई गुना बढ़ जाती है। हालांकि निर्माण के दौरान और उसके बाद कई बार कांच की ऊपरी सतह को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आईं। अप्रैल में पुल के एक हिस्से में कांच की ऊपरी परत क्षतिग्रस्त हुई थी, जबकि नीचे की चार परतें सुरक्षित रहीं। इससे पहले जनवरी में निर्माण कार्य के दौरान एक कर्मचारी के हाथ से हथौड़ा गिरने से भी कांच को नुकसान पहुंचा था। बाद में इसे बदल दिया गया। मई 2026 में भी कांच को नुकसान पहुंचने की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया।

CCTV निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

बार-बार हुई घटनाओं को देखते हुए पुल पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, बेहतर प्रकाश व्यवस्था करने और ग्लास वॉकवे की नियमित तकनीकी जांच कराने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा पुल के किनारों को और सुरक्षित बनाने के लिए संरचनात्मक सुधार भी किए जा रहे हैं। SOP में यह भी तय किया जाएगा कि एक समय में कितने लोगों को कांच वाले हिस्से में प्रवेश दिया जाएगा, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कैसे होगी और आपात स्थिति में क्या व्यवस्था अपनाई जाएगी। बजरंग सेतु को केवल आवागमन के साधन के रूप में नहीं, बल्कि ऋषिकेश के नए पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित किया गया है। पुल से गुजरने वाले पर्यटक गंगा नदी और आसपास की पर्वत श्रृंखलाओं का मनमोहक दृश्य देख सकते हैं। ग्लास वॉकवे इस अनुभव को और खास बनाता है, लेकिन इसके सुरक्षित संचालन के लिए नियंत्रित प्रवेश आवश्यक माना जा रहा है। दुनिया के कई देशों में इस तरह के ग्लास ब्रिज और स्काईवॉक पर टिकट व्यवस्था लागू है, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और रखरखाव का खर्च भी निकाला जा सके। अब उत्तराखंड में भी इसी मॉडल पर काम किया जा रहा है।

करीब 90 वर्ष पुराने लक्ष्मण झूला को सुरक्षा कारणों से बंद किए जाने के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई थी। इसके समाधान के लिए आधुनिक तकनीक से बजरंग सेतु का निर्माण शुरू किया गया। हालांकि परियोजना को पूरा होने में तय समय से अधिक वक्त लगा, लेकिन अब यह पुल ऋषिकेश की नई पहचान बनकर सामने आ रहा है। प्रशासन का मानना है कि नई SOP लागू होने के बाद पुल का संचालन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा। आम लोग पहले की तरह पुल से आवागमन कर सकेंगे, जबकि ग्लास वॉकवे का आनंद लेने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। आने वाले समय में यह व्यवस्था श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों के लिए सुरक्षित और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करेगी।

 

 

 

 

Tags: breakingnewsdailynewshindinewslatestnewsuttarakhandnewsuttarakhandpage
Previous Post

Admin

Admin

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://uttarakhandpage.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4

Categories

Uncategorized (32) अपनी बात (11) उत्तराखंड (2880) कुमाऊँ (279) खेल-जगत (47) गढ़वाल (465) जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट (21) देश-दुनिया (446) पर्यटन (53) वायरल वीडियो (5) संस्कृति (4) सरकारी योजनाएँ (6)

Contact Details

Portal Name: uttarakhandpage

Name:  Ayush Raturi

Mobile:  7088882551

Email: uttarakhandpagenews@gmail.com

Address:  B-1 Block, H/N -142, First Floor Lane No 6, Mata Mandir Rd, Saraswati Vihar, Ajabpur Khurd Dehradun.

  • #2408 (no title)
  • उत्तराखंड
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य

Copyright © 2024 UTTARAKHAND-PAGE

No Result
View All Result
  • #2408 (no title)
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमाऊँ
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य
    • अपनी बात
    • वायरल वीडियो
    • जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट
    • सरकारी योजनाएँ

Copyright © 2024 UTTARAKHAND-PAGE

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In