चार दशक पुराने रामझूला पुल का होगा कायाकल्प, नए डेक का काम तेजी से जारी..
उत्तराखंड: लंबे समय से बंद रामझूला पुल पर मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का लगभग 60 फीसदी काम पूरा होने की जानकारी सामने आई है। लोक निर्माण विभाग की निगरानी में पुल के पुराने डेक को हटाकर नया डेक लगाने का काम किया जा रहा है। रामझूला पुल वर्ष 1985 में बनाया गया था। करीब 220 मीटर लंबे और तीन मीटर चौड़े इस पुल को फिलहाल आवाजाही के लिए बंद रखा गया है। मरम्मत के दौरान पुराने डेक को छोटे हिस्सों में काटकर हटाया जा रहा है। इसके बाद नए डेक की फिटिंग की जा रही है। पुल के पिलरों को मजबूती देने और बाढ़ से सुरक्षा के लिए जरूरी काम भी परियोजना के तहत किए जा रहे हैं।
कुंभ से पहले शुरू करने की तैयारी
रामझूला क्षेत्र में आगामी कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुल को जल्द तैयार करने पर जोर है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल के अनुसार निर्माण एजेंसी को जनवरी 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। 25 जुलाई को पुल को पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए बंद किया गया था। इसके बाद से मरम्मत का काम जारी है। पुल बंद होने के कारण लोगों को फिलहाल वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
मरम्मत कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों की ओर से दावा किया गया है कि गंगा के ऊपर पुल के डेक को हटाने के दौरान कुछ श्रमिकों के पास हेलमेट और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं थे। काम की प्रकृति को देखते हुए यह मामला अहम है, क्योंकि पुल पर तैनात मजदूर सीधे नदी के ऊपर ऊंचाई पर काम कर रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर निगरानी जरूरी है। स्थानीय स्तर पर शिकायत की बात भी सामने आई है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और श्रमिकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि करीब चार दशक पुराने रामझूला पुल की मरम्मत तय समय पर पूरी होकर जनवरी 2027 तक इसे दोबारा यात्रियों की आवाजाही के लिए खोला जा सकेगा या नहीं।

