अमित शाह का हरिद्वार दौरा 7 मार्च को, CAA के तहत पांच लोगों को मिलेगी नागरिकता..
उत्तराखंड: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत चयनित पांच लोगों को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। प्रमाण पत्र मिलने के बाद ये सभी लोग औपचारिक रूप से भारत के नागरिक बन जाएंगे। बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अपने हरिद्वार दौरे के दौरान राज्य सरकार के कामकाज की समीक्षा भी करेंगे। इसी समीक्षा बैठक के दौरान इन पांच व्यक्तियों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे जाएंगे। इस संबंध में जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन लोगों को नागरिकता दी जानी है, उनके नाम पहले ही राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। इसे सीएए के क्रियान्वयन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत पड़ोसी देशों से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए कुछ अल्पसंख्यक समुदायों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है। यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित कानूनी व्यवस्था के तहत की जा रही है, ताकि लंबे समय से भारत में रह रहे लोगों को स्थायी पहचान और अधिकार मिल सकें। जनगणना निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष के दौरान 162 लोगों को सीएए के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान की जा चुकी है। ये सभी लोग पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत आए थे। अधिकारियों के अनुसार नागरिकता प्राप्त करने वालों में अधिकांश ऐसे लोग हैं जो 1990 के दशक में भारत आए थे, जबकि कुछ लोग 2000 से 2010 के बीच यहां पहुंचे थे। इससे स्पष्ट होता है कि सीएए के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है।
बांग्लादेश से आए आवेदनों की जांच जारी..
सीएए के अंतर्गत बांग्लादेश से आए कुछ लोगों ने भी भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार इन सभी आवेदनों पर फिलहाल प्रक्रिया जारी है। संबंधित विभाग इन आवेदनों की विस्तृत जांच कर रहा है। हालांकि अभी तक बांग्लादेश से आए किसी भी आवेदक को नागरिकता प्रदान नहीं की गई है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक सभी मामलों की जांच तय नियमों और प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है, ताकि पात्र लोगों को ही नागरिकता मिल सके। ऐसे में हरिद्वार में होने वाला यह कार्यक्रम सीएए के क्रियान्वयन के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


