दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जल्द खुलेगा, सिर्फ ढ़ाई घंटे में होगी राजधानी से देहरादून की यात्रा..
देश-विदेश: दिल्ली से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को जोड़ने वाला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जल्द यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी में है। इस एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी सिर्फ ढ़ाई घंटे में पूरी की जा सकेगी, जबकि वर्तमान में इसी यात्रा में लगभग पांच से छह घंटे का समय लगता है। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को तेज़ बनाएगा, बल्कि यात्रियों के लिए हाईटेक पार्किंग और शानदार रेस्ट एरिया जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा। एक ही जगह पर यात्रियों को पार्किंग, एटीएम, आराम करने की जगह, होटल और अन्य आवश्यक सेवाएं मिलेंगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली खंड में तीन रेस्ट एरिया और पार्किंग बनाने का निर्णय लिया है। दिल्ली खंड अक्षरधाम जंक्शन से उत्तर प्रदेश की सीमा तक फैला हुआ है। इन सुविधाओं का उद्देश्य लंबी दूरी की राजमार्ग यात्रा को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनाना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस एक्सप्रेसवे के खुलने से न केवल यात्रा समय में कटौती होगी, बल्कि यह पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे रेस्ट एरिया और पार्किंग का काम डिजाइन, बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (DBOT) मॉडल पर किया जाएगा। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं और प्रक्रिया 16 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार ये रेस्ट एरिया और पार्किंग पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, गांधी नगर बाजार और गीता कॉलोनी के पास बनाए जाएंगे। पार्किंग एरिया में यात्रियों के लिए प्राथमिक उपचार कक्ष, सौर ऊर्जा से संचालित लाइटिंग, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग चार्ज सिस्टम और पार्किंग क्षमता के संकेत जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सबसे खास बात यह है कि पार्किंग का 10 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रिजर्व रखा जाएगा। इसके सतह ही यहां फूड कियोस्क, एयर फिलिंग स्टेशन, एटीएम और प्रदूषण नियंत्रण केंद्र (PUC स्टेशन) भी स्थापित किए जाएंगे। इन आधुनिक रेस्ट एरिया और पार्किंग सुविधाओं के खुलने से लंबी दूरी की यात्रा सुरक्षित, आरामदायक और तकनीकी रूप से उन्नत होगी। इस परियोजना से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा भी मिलेगा।


