वन संरक्षण को मिलेगा बजट संबल, कैंपा मद से उत्तराखंड को मिल सकते हैं 200 करोड़ रुपये की पहली किस्त..
उत्तराखंड: प्रदेश में वनाग्नि नियंत्रण और हरियाली बढ़ाने के प्रयासों को मजबूती मिलने जा रही है। कैंपा (CAMPA) मद के तहत प्रदेश को केंद्र सरकार से 439 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मिलने वाली है। वन मुख्यालय द्वारा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है, और पहली किस्त जल्द जारी होने की संभावना है। इस राशि का उपयोग राज्यभर में वनाग्नि की रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने, वृक्षारोपण कार्यक्रमों और वन संसाधनों की सुरक्षा हेतु आधुनिक उपकरणों की खरीद जैसे कार्यों में किया जाएगा। वन विभाग के अनुसार यह वित्तीय सहयोग पर्वतीय राज्य की पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
उत्तराखंड में वन संरक्षण, वनीकरण और वनाग्नि नियंत्रण जैसे कार्यों को लेकर इस वित्तीय वर्ष में बड़ी पहल की जा रही है। वन विभाग द्वारा 439 करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्ताव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा गया है, जिसके तहत प्रतिकरात्मक वनीकरण निधि (कैंपा) से बजट की स्वीकृति मांगी गई है। प्रस्ताव के अनुसार पहली किस्त के रूप में 200 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। इस राशि का उपयोग वनाग्नि नियंत्रण, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, पौधरोपण, वनों की सुरक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षात्मक ढांचे निर्माण और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाएगा। बता दे कि हर वर्ष इन कार्यों के लिए राज्य सेक्टर से बजट आवंटित किया जाता है, जबकि कैंपा निधि का उपयोग विशेष रूप से क्षतिपूरक वनीकरण और दीर्घकालिक संरक्षण योजनाओं में किया जाता है। प्रस्ताव को लेकर वन मुख्यालय स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही निधि की पहली किस्त जारी होने की उम्मीद है, जिससे राज्य में हरित अभियान को नई रफ्तार मिलेगी।
वनाग्नि नियंत्रण के कामों पर 12 करोड़ होंगे खर्च..
उत्तराखंड में वनों की सुरक्षा और हरियाली बढ़ाने की दिशा में अहम पहल के तहत कैंपा (CAMPA) निधि से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भेजे गए 439 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर केंद्र में विचार प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक भी हो चुकी है। कैंपा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी समीर सिन्हा ने जानकारी दी कि जल्द ही पहली किस्त के रूप में 200 करोड़ रुपये की राशि जारी होने की उम्मीद है। समीर सिन्हा का कहना हैं कि प्रस्तावित बजट में 12 करोड़ रुपये केवल वनाग्नि नियंत्रण और प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए रखे गए हैं, जो कि इस बार प्राथमिकता में हैं। इसके साथ ही क्षतिपूरक वनीकरण, कैचमेंट ट्रीटमेंट, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, और वन संरचना के सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजनाएं भी प्रस्ताव का हिस्सा हैं। यह बजट राज्य में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण और वनों के सतत विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। वन विभाग ने मैदान से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों तक इस राशि के समुचित उपयोग की योजना तैयार कर ली है।


