देहरादून में ट्रैफिक का नया प्लान, महानगरों जैसा सिस्टम, बढ़ेगी सख्ती और निगरानी..
उत्तराखंड: देहरादून में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन अब बड़े बदलाव की तैयारी में है। शहर की सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या, अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण रोजाना लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। इसी स्थिति को सुधारने के लिए प्रमेंद्र डोबाल के नेतृत्व में नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नई योजना के तहत देहरादून में अब महानगरों की तर्ज पर ट्रैफिक पुलिस स्टेशनों की स्थापना की जाएगी। पूरे जनपद में कुल 6 ट्रैफिक पुलिस स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है, जिनमें से 4 देहरादून शहर में, 1 विकासनगर और 1 ऋषिकेश में स्थापित किया जाएगा। इन स्टेशनों की जिम्मेदारी संबंधित ट्रैफिक इंस्पेक्टर को दी जाएगी, जो अपने-अपने क्षेत्र में ट्रैफिक प्रबंधन, पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तय करने और चालान से जुड़े कार्यों की निगरानी करेंगे।
शहर में जाम की सबसे बड़ी वजह सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहन माने जा रहे हैं। लोग निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने के बजाय सड़क किनारे ही गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन समस्याओं पर अधिक सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टोइंग क्रेन की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, ताकि सड़क किनारे खड़े वाहनों को तुरंत हटाया जा सके। पुलिस प्रशासन के अनुसार पहले शहर में 9 टोइंग क्रेन कार्यरत थीं, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाकर 20 करने की योजना है। इससे अतिक्रमण हटाने और यातायात को सुचारू बनाए रखने में तेजी आएगी। साथ ही, ट्रैफिक पुलिस स्टेशनों के जरिए हर क्षेत्र की जवाबदेही तय की जाएगी, जिससे जाम की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि पिछले एक महीने में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन किया गया है। उसी के आधार पर यह नई रणनीति तैयार की गई है। उनका कहना है कि ट्रैफिक पुलिस स्टेशन बनने के बाद व्यवस्थाएं अधिक संगठित होंगी और हर क्षेत्र में जवाबदेही तय होने से सुधार स्पष्ट रूप से नजर आएगा। इधर, उधम सिंह नगर में आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। काशीपुर में ईद, चैत्र नवरात्रि और चैती मेले के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। इसका उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन द्वारा लोगों से भी शांति और सहयोग बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि सभी पर्व सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।


