नए साल की शुरुआत में बड़ा फैसला, उत्तराखंड में 9 IPS अफसरों को प्रमोशन..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में नए साल से ठीक पहले पुलिस महकमे से जुड़ा एक अहम प्रशासनिक निर्णय सामने आया है। राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक में कुल 9 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति देने पर सहमति बनी है। इन अधिकारियों को काफी समय से डीपीसी के आयोजन और पदोन्नति आदेशों का इंतजार था, जिस पर अब शासन स्तर से अंतिम मुहर लग गई है। पदोन्नति आदेश जारी होते ही उत्तराखंड पुलिस के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। डीपीसी के निर्णय के तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अभिनव कुमार को पुलिस महानिदेशक (डीजी) के पद पर पदोन्नत किया गया है। अभिनव कुमार राज्य के अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं और इससे पहले वे कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी पदोन्नति को पुलिस विभाग के लिए अहम माना जा रहा है।
इसके साथ ही निवेदिता कुकरेती, पी. रेणुका और बरिंदर जीत सिंह को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रैंक पर पदोन्नति दी गई है। पी. रेणुका और बरिंदर जीत सिंह वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, जिस कारण उन्हें प्रोफार्मा पदोन्नति प्रदान की गई है। प्रोफार्मा प्रमोशन के तहत अधिकारी अपनी वर्तमान तैनाती पर रहते हुए उच्च पद का वेतन और वरिष्ठता लाभ प्राप्त करते हैं, जबकि वास्तविक पदभार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद राज्य में ग्रहण किया जाता है। वहीं निवेदिता कुकरेती की पदोन्नति को भी विभागीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी पदोन्नति से राज्य पुलिस प्रशासन को अनुभवी नेतृत्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। शासन स्तर पर यह निर्णय पुलिस विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने वाला माना जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस फैसले को लेकर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पदोन्नतियों के बाद पुलिस महकमे में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी।
पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) रैंक पर भी कई अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। इस सूची में प्रहलाद मीणा, प्रीति प्रियदर्शिनी और यशवंत चौहान के नाम शामिल हैं। प्रीति प्रियदर्शिनी को भी प्रोफार्मा प्रमोशन प्रदान किया गया है, क्योंकि वे फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसके साथ ही दो आईपीएस अधिकारियों को एसएसपी रैंक पर पदोन्नति मिली है। आईपीएस तृप्ति भट्ट और रामचंद्र राजगुरु को अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही ये दोनों अधिकारी अशोक स्तंभ के साथ दो स्टार लगाने के लिए अधिकृत हो गए हैं, जो उनके कैडर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। कुल मिलाकर इन पदोन्नतियों से उत्तराखंड पुलिस के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही विभाग में लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नतियों के बाद अधिकारियों में नए उत्साह और ऊर्जा का संचार होने की संभावना भी जताई जा रही है। इन सभी अधिकारियों को जनवरी 2026 में प्रमोशन मिलना तय था। इस तरह शासन ने भी समय पर DPC करते हुए इन्हें नए साल का तोहफा दिया है। उत्तराखंड शासन में प्रमुख सचिव और मीनाक्षी सुंदरम को भी अब प्रमुख सचिव रैंक का वेतनमान मिलेगा। हालांकि उन्हें पहले ही प्रमोशन दे दिया गया था लेकिन अब वेतनमान के रूप में इसका लाभ मिलना शुरू होगा। दरअसल 25 साल की सेवा पूरा करने के बाद प्रमुख सचिव स्तर पर उन्हें इसका लाभ मिलने जा रहा है।
उत्तराखंड शासन में आज दो बैच के IAS अफसरों की DPC हुई हैं। इसमें साल 2017 बैच के 10 IAS के प्रमोशन का रास्ता साफ हुआ है। DPC होने के बाद जल्द ही इन सभी अधिकारियों के प्रमोशन से जुड़ा आदेश भी जारी कर दिया जाएगा। इन अधिकारियों को (JAG- जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड) 7600 ग्रेड पे पर प्रमोशन मिला है। इन अधिकारियों में 2017 बैच की नमामि बंसल, गौरव कुमार, संदीप तिवारी, रवनीत चीमा, विनोद गिरि गोस्वामी, प्रशांत कुमार आर्य, आशीष कुमार भटगाई, प्रकाश चंद्र, दीप्ति सिंह और निधि यादव का नाम शामिल है। इसके साथ ही तीन और अधिकारी हैं जिन्हें प्रमोशन दिया गया है।साल 2022 बैच के इन अधिकारियों को 6600 यानी सीनियर टाइम स्केल दिया गया है। साल 2022 बैच के दीपक रामचंद्र, राहुल आनंद और आशिमा गोयल को को प्रमोशन का तोहफा मिला है। इसके साथ पीसीएस अधिकारी रामजी शरण के प्रमोशन को लेकर भी शासन में विचार किया गया है।


