होली से पहले रेलवे की सौगात, कोहरे के कारण रद्द ट्रेनें फिर लौटेंगी पटरी पर..
उत्तराखंड: घने कोहरे के कारण पिछले दो महीनों से प्रभावित रेल सेवाओं को अब बहाल करने की तैयारी शुरू हो गई है। मौसम में सुधार और दृश्यता सामान्य होने के बाद रेलवे ने लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों को दोबारा संचालित करने का फैसला लिया है। इस निर्णय से रुड़की और लक्सर क्षेत्र के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर होली से पहले। कोहरे की तीव्रता बढ़ने के चलते 1 दिसंबर 2025 से कई लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। इनमें 14523 हरिहर एक्सप्रेस और 14615 लालकुआं एक्सप्रेस प्रमुख रूप से शामिल थीं, जिनका रुड़की में ठहराव होता है। इन ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को बसों या अन्य ट्रेनों के जरिए लंबा और महंगा सफर तय करना पड़ा। कई यात्रियों को टिकट रद्द कराने और नई बुकिंग कराने में अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अब कोहरे की स्थिति सामान्य होने लगी है और ट्रैक पर संचालन के लिए दृश्यता में पर्याप्त सुधार हुआ है। इसी के मद्देनजर ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा पटरी पर उतारने की योजना बनाई गई है। अनुमान है कि हरिहर एक्सप्रेस और लालकुआं एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें अगले 10 दिनों के भीतर नियमित रूप से संचालित होने लगेंगी। रेलवे की ओर से समय सारिणी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
होली से पहले यात्रियों को बड़ी राहत
होली जैसे बड़े त्योहार से पहले ट्रेनों की बहाली का विशेष महत्व है। त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी होती है और टिकटों की मांग भी तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में लंबी दूरी की ट्रेनों के दोबारा संचालन से घर लौटने वाले यात्रियों की चिंता काफी हद तक कम होगी। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह फैसला राहत भरा साबित हो सकता है। स्थानीय रेल यात्रियों का कहना है कि पिछले दो महीनों में ट्रेनों के बंद रहने से उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई लोगों को कामकाजी यात्राएं टालनी पड़ीं, तो कुछ को अधिक किराया देकर वैकल्पिक साधनों से सफर करना पड़ा। अब सेवाओं की बहाली से यात्रा फिर से सुगम होने की उम्मीद है और त्योहार पर परिवार के साथ समय बिताने की तैयारियां तेज हो गई हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही संचालन से जुड़े अंतिम निर्णय लिए जाएंगे। फिलहाल, मौसम के अनुकूल होते ही रेल सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

