धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़, चिनूक हेलिकॉप्टर से 35 लोगों को लाया गया जौलीग्रांट..
उत्तराखंड: उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में भारी बारिश और आपदा के बीच भारतीय वायुसेना और एनडीआरएफ द्वारा बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। बुधवार को वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर की मदद से करीब 30-35 लोगों को रेस्क्यू कर देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट लाया गया। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, जो पिछले कई दिनों से धराली में फंसे हुए थे। चिनूक से 30-35 लोगों को रेस्क्यू कर जौलीग्रांट लाया गया है। वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी जिला अस्पताल में धराली क्षेत्र के ग्रामीण से मिले। इन परिस्थितियों को देखते हुए वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर को राहत कार्यों में लगाया गया। बुधवार सुबह से अभियान जारी रहा और सुरक्षित स्थान पर लाए गए लोगों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा और राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। वायुसेना के सूत्रों के मुताबिक चिनूक की कई उड़ानों के माध्यम से लोगों को पहाड़ों से निकाल कर देहरादून के जौलीग्रांट हेलीपैड तक लाया गया। यहां से उन्हें आगे चिकित्सा सुविधा और अस्थायी शिविरों में भेजा गया।
राज्य सीएम पुष्कर सिंह धामी स्वयं उत्तरकाशी पहुंचे और जिला अस्पताल में धराली क्षेत्र से निकाले गए ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और अस्पताल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। सीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि जो टीमें वर्तमान में रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं, वो सराहनीय कार्य कर रही हैं। प्रभावितों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और उन्हें चिकित्सा सुविधा देना हमारी प्राथमिकता है। धराली, हर्षिल, और भटवाड़ी क्षेत्रों में अब भी कई लोग फंसे हो सकते हैं। प्रशासन की टीमें लगातार हवाई सर्वे और स्थानीय ग्रामीणों से संवाद के जरिए राहत कार्यों की योजना बना रही हैं। आईटीबीपी, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और अगले कुछ दिनों तक बचाव कार्य जारी रहने की संभावना है।
धराली और आसपास के इलाके में लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाएं आपदा को और विकराल बना रही हैं। मौसम विभाग ने अब भी रेड अलर्ट जारी कर रखा है, जिससे राहत कार्यों में चुनौतियाँ बढ़ गई हैं। सड़कें टूट चुकी हैं, संचार माध्यम बाधित हैं और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित है। सचिव आपदा प्रबंधन द्वारा बताया गया है कि 274 लोगों को गंगोत्री एवं अन्य क्षेत्रों से हर्षिल लाया गया है। सभी सुरक्षित हैं। इनमें गुजरात के 131, महाराष्ट के 123, मध्य प्रदेश के 21, यूपी के 12, राजस्थान के छह, दिल्ली के सात, आसाम के पांच, कर्नाटक के पांच, तेलंगाना के तीन और पंजाब के एक व्यक्ति हैं। सभी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इन्हें उत्तरकाशी-देहरादून लाया जा रहा है।पहला चिनूक हर्षिल में लैंड कर गया है। इसमें एनडीआरएफ के जवान, एनडीआरएफ के उपकरण तथा अन्य आवश्यक सामग्री भेजी गई हैं।