रुड़की सिविल अस्पताल में सरकारी डॉक्टर को रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने गिरफ्तार किया..
उत्तराखंड: हरिद्वार जिले के रुड़की में सिविल अस्पताल के एक डॉक्टर को विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार डॉक्टर आभास सिंह को अस्पताल में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। विजिलेंस टीम ने इस कार्रवाई के दौरान डॉक्टर से घंटों पूछताछ की और उसके बाद उन्हें अपने साथ देहरादून ले जाकर गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर ने मारपीट के मामले में लीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की थी। जानकारी के अनुसार डॉक्टर आभास सिंह का करीब एक माह पूर्व मसूरी से रुड़की सिविल अस्पताल में ट्रांसफर हुआ था। शनिवार रात उन्हें इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान ही विजिलेंस टीम ने पकड़ा।
टीम ने डॉक्टर को उसके सरकारी आवास तक ले जाकर तलाशी भी ली। तलाशी के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना ने चिकित्सा व्यवस्था और सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही की अहमियत को फिर उजागर कर दिया है। विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की अनैतिक गतिविधियों पर किसी भी हालत में समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह गिरफ्तारी राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मामले की पूरी जांच जारी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
देहरादून विजिलेंस टीम ने रुड़की सिविल अस्पताल में तैनात डॉक्टर आभास सिंह को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, डॉक्टर पर आरोप है कि उन्होंने मारपीट के मामले में घायल व्यक्ति से लीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट बनाने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की थी। इस शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने एक योजना के तहत कार्रवाई की। शनिवार देर शाम टीम शिकायतकर्ता के साथ रुड़की सिविल अस्पताल पहुंची। पैसे देने के लिए डॉक्टर को बुलाया गया और केमिकल लगे 20 हजार रुपये देने के दौरान विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
घटना के बाद टीम ने डॉक्टर के सरकारी आवास की भी तलाशी ली और लंबी पूछताछ के बाद उन्हें देहरादून ले जाकर गिरफ्तार किया। इस मामले में रुड़की सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर संजय कंसल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर आभास के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जांच प्रक्रिया जारी है। विजिलेंस टीम ने इस गिरफ्तारी को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश बताया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश मिलता है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करेगी।


