टिम्मरसैंण महादेव गुफा को मिलेगा भव्य रूप, 26.85 करोड़ से सुधरेगा पहुंच मार्ग..
उत्तराखंड: चमोली जनपद की नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव गुफा हिमालय क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिनी जाती है। भारत-चीन सीमा के पास नीती घाटी के अंतिम गांव नीती में स्थित यह गुफा अपनी अद्भुत प्राकृतिक आस्था के लिए जानी जाती है। हर वर्ष जनवरी से मार्च के बीच यहां प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग का निर्माण होता है, जिसे श्रद्धालु बाबा बर्फानी के रूप में पूजते हैं। इस दिव्य दृश्य के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक नीती घाटी का रुख करते हैं। अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह स्थल और भी आकर्षक व सुविधाजनक बनने जा रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत टिम्मरसैंण महादेव गुफा क्षेत्र का व्यापक विकास किया जा रहा है। जिला पर्यटन विकास विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव को भारत सरकार ने स्वीकृति देते हुए 26 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि मंजूर की है। इस योजना के अंतर्गत गुफा परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को एक नए और भव्य स्वरूप में विकसित किया जाएगा।
गुफा परिसर का होगा व्यापक सौंदर्यीकरण
पर्यटन विभाग ने वर्ष 2024 में टिम्मरसैंण गुफा क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और पहुंच मार्ग के विकास को लेकर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे जनवरी माह में स्वीकृति मिल गई। इसके बाद क्षेत्र में अत्यधिक बर्फबारी न होने का लाभ उठाते हुए विभाग ने मौके पर अवस्थापना विकास कार्य शुरू कर दिए हैं। योजना के तहत गुफा परिसर का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके। इसके साथ ही गुफा तक पहुंचने वाले प्राकृतिक पैदल मार्ग को भी सुरक्षित और सुगम बनाया जा रहा है। बर्फबारी के दौरान मार्ग पर फिसलन की समस्या को देखते हुए जगह-जगह मजबूत रेलिंग लगाई जा रही है। वहीं, मार्ग पर नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डेढ़ किलोमीटर पैदल मार्ग का होगा सुधारीकरण
जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत टिम्मरसैंण क्षेत्र में अवस्थापना विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। गुफा तक जाने वाले करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का पूरी तरह से सुधारीकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही बैठने की व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, सुरक्षा उपाय और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। विभाग का लक्ष्य है कि सभी कार्यों को वर्ष 2027 तक पूर्ण कर लिया जाए। नीती गांव में स्थित टिम्मरसैंण महादेव गुफा वर्षों से श्रद्धा का केंद्र रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बाबा बर्फानी की प्रसिद्धि में तेजी से इजाफा हुआ है। अब देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। औली, बद्रीनाथ और आसपास के अन्य पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटक भी अपने यात्रा कार्यक्रम में टिम्मरसैंण गुफा को शामिल करने लगे हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन को उम्मीद है कि इस विकास कार्य के पूरा होने के बाद न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सीमावर्ती गांवों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत हो रहा यह विकास कार्य नीती घाटी को धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

