उत्तराखंड में ‘डिजिटल उत्तराखंड’ पोर्टल लॉन्च..
बजट से लेकर शिकायतों के समाधान तक सब कुछ अब एक क्लिक पर..
उत्तराखंड: शासन ने डिजिटल सुशासन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब यह जानना कि किस परियोजना को कितना बजट मिला, किस मामले में कोर्ट में सुनवाई है, कौन सी बैठक कब और कहां होनी है, या किससे अधिकारी की मुलाकात तय है, इन तमाम जानकारियों के लिए फाइलों की तलाश नहीं, बल्कि बस एक क्लिक काफी होगा। सरकार ने इसका समाधान ‘डिजिटल उत्तराखंड’ https://digital.uk.gov.in/ नामक AI आधारित प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया है, जो अधिकारियों और आम जनता दोनों के लिए बेहद उपयोगी है। यह प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर आधारित है और इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज को पारदर्शी, उत्तरदायी और डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। अब अधिकारियों को कोई भी निर्णय लेने से पहले जरूरी आंकड़ों और दस्तावेज़ों की खोज में वक्त नहीं गंवाना होगा। इसी तरह, जनता को भी योजनाओं, बजट और सरकारी प्रक्रियाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
आईएफएमएस पोर्टल को यहां जोड़ा गया है, जिससे विभागों के बजट की निगरानी होगी। बजट खर्च करने का पिछले तीन साल का ट्रेंड पता चलेगा, ताकि अधिकारी नए वित्तीय वर्ष में बेहतर तरीके से बजट खर्च कर सकें। ई-ऑफिस को इसी प्लेटफॉर्म पर लिंक कर दिया गया है। सचिव अब देख सकेंगे कि किस अधिकारी के पास कितनी फाइल कितने समय से लंबित हैं। जैसे ही कोई अधिकारी फाइल को आगे बढ़ाएगा तो तत्काल इस वेबसाइट पर उसकी जानकारी अपडेट भी हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली फाइल-आधारित व्यवस्था से डेटा-संचालित निर्णय प्रणाली की ओर अग्रसर होगी। इससे न केवल कार्य की निगरानी आसान होगी, बल्कि लंबित मामलों में देरी रोकने और जवाबदेही तय करने में भी मदद मिलेगी।
आईटीडीए की निदेशक नितिका खंडेलवाल का कहना हैं कि सीएम हेल्पलाइन 1905 और सीपी ग्राम की सभी शिकायतें और उनकी स्थिति अब इसी पोर्टल पर अपडेट होंगी। यही से अधिकारी शिकायतें पढ़ सकेंगे। और यहीं से निस्तारण की प्रक्रिया भी संचालित होगी। ‘अपुणि सरकार’ पोर्टल की सभी नागरिक सेवाएं भी इसी प्लेटफॉर्म पर एकीकृत कर दी गई हैं। यह पोर्टल जहां जनता के लिए सुविधाजनक सूचना केंद्र है, वहीं यह अधिकारियों के लिए प्रभावी निर्णय, निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई का टूल भी बनेगा।
सीएम घोषणा पर तेजी से होगा काम..
मुख्यमंत्री की घोषणा पर भी अब तेजी से निगरानी व काम होगा। अधिकारी सीएम घोषणा की प्रगति किसी भी समय एक क्लिक पर देख सकेंगे। वेबसाइट के माध्यम से ई-मीटिंग तय की जा सकेगी। ई-कैबिनेट को भी इसमें जोड़ दिया गया है। अधिकारी एक-दूसरे को मैसेज भी भेज सकेंगे। वहीं, सभी कोर्ट केस की तिथि से लेकर रिमाइंडर तक यहां मिलेगा।
ये एआई भी मिलेंगे..
एआई सारांश की सुविधा यहां मिलेगी, जिससे अधिकारी लंबे डॉक्यूमेंट के मुख्य बिंदु एक पल में देख सकेंगे। ये एआई उस डॉक्यूमेंट के मुख्य तथ्यों से अधिकारी को अवगत कराएगा। एआई पाणिनी मल्टीपल लैंग्वेज की सटीक ट्रांसलेशन कर सकता है। भाषिणी से अधिकारी टेक्स को स्पीच में बद सकते हैं, जबकि स्पीच को टेक्स्ट में भी बदल सकते हैं। डिजिटल उत्तराखंड अधिकारियों व आम जनता के लिए सुरक्षित लॉगिन की सुविधा देगा। अत्याधुनिक तकनीकी से लैस इस प्लेटफॉर्म पर अफसर को उनके विभाग की हर जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध कराई गई है।


