• मुख्य पृष्ठ
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमाऊँ
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य
    • अपनी बात
    • वायरल वीडियो
    • जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट
    • सरकारी योजनाएँ
Thursday, March 5, 2026
No Result
View All Result
  • मुख्य पृष्ठ
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमाऊँ
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य
    • अपनी बात
    • वायरल वीडियो
    • जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट
    • सरकारी योजनाएँ
No Result
View All Result
No Result
View All Result

उत्तराखंड में शुरू होगा वर्चुअल भूमि रजिस्ट्रेशन सिस्टम, तीन विकल्पों से होगी खरीद-फरोख्त आसान..

Admin by Admin
2025-11-12
in उत्तराखंड
0 0
0
सरकारी विभागों में बायोमेट्रिक व्यवस्था अनिवार्य, CS ने दिए निर्देश..
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whats App

उत्तराखंड में शुरू होगा वर्चुअल भूमि रजिस्ट्रेशन सिस्टम, तीन विकल्पों से होगी खरीद-फरोख्त आसान..

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में भूमि के क्रय-विक्रय प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। मंगलवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में भूमि के क्रय-विक्रय के वर्चुअल रजिस्ट्रेशन प्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों और अधिकारियों से प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट मांगी और निर्देश दिए कि वर्चुअल रजिस्ट्रेशन प्रणाली को निर्धारित टाइमलाइन में पूरी तरह लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि नागरिकों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि के क्रय-विक्रय से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल मोड में और पेपरलेस सिस्टम के तहत पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित एप्लिकेशन या पोर्टल में ऐसी व्यवस्था की जाए कि भूमि लेन-देन से जुड़े सभी दस्तावेज विभिन्न विभागों, निकायों और एजेंसियों के बीच ऑटोमेटिक रूप से साझा हो सकें, जिससे समय की बचत और प्रक्रियाओं में तेजी आए।

उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान सभी हितधारकों के बीच समन्वय बनाए रखना जरूरी है ताकि किसी भी स्तर पर देरी या तकनीकी बाधा न आए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रणाली के सुचारु संचालन के लिए डेटा सुरक्षा, उपयोगकर्ता सुविधा और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए। इस बैठक में राजस्व, आईटी, नगर विकास, वित्त और पंजीकरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी वर्चुअली उपस्थित रहे। बैठक में भूमि रजिस्ट्रेशन की मौजूदा प्रक्रिया, डिजिटल दस्तावेज़ ट्रांसफर सिस्टम और राज्य में भूमि रजिस्ट्रेशन के सरलीकरण के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य भूमि रजिस्ट्रेशन प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन और रियल टाइम ट्रैकिंग आधारित बनाना है, जिससे नागरिकों को रजिस्ट्री से जुड़ी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस कदम से उत्तराखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल होगा जो भूमि रजिस्ट्रेशन को स्मार्ट, सुरक्षित और पूर्णतः डिजिटल बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

परियोजना के पूरा होने से भूमि खरीद-बिक्री में आएगी पारदर्शिता..

उत्तराखंड सरकार भूमि के क्रय-विक्रय को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। मंगलवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में भूमि के वर्चुअल रजिस्ट्रेशन सिस्टम को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई और अधिकारियों को इसके निर्धारित टाइमलाइन में क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से राज्य में भूमि खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और इससे विभिन्न विभागों, निकायों, एजेंसियों और हितधारकों के बीच सुसंगत और सटीक भूमि रिकॉर्ड साझा करना संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि “यह प्रणाली भूमि संबंधी विवादों को कम करेगी और नागरिकों को सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।” सीएस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित एप्लिकेशन और पोर्टल को इस तरह विकसित किया जाए कि सभी दस्तावेज और सूचनाएं ऑटो मोड में पेपरलेस तरीके से साझा हों।

इससे न केवल प्रक्रियाएं तेज होंगी, बल्कि भ्रष्टाचार और विलंब की संभावनाएं भी खत्म होंगी। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि वर्चुअल रजिस्ट्रेशन प्रणाली से संबंधित आवेदन जमा कर दिया गया है और मंगलवार को प्राप्त दिशा-निर्देशों के आधार पर इसमें आंशिक संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद इस परियोजना के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया (Tender Process) शुरू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को जल्द से जल्द लागू कर राज्य में भूमि क्रय-विक्रय की प्रक्रिया को रियल टाइम ट्रैकिंग और पूर्णतः डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है। इस प्रणाली के लागू होने के बाद नागरिकों को रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सभी सेवाएं एक ही ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। इस बैठक में राजस्व, आईटी, नगर विकास, वित्त और पंजीकरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली उपस्थित रहे। सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे समयबद्ध तरीके से अपने-अपने हिस्से का कार्य पूरा करें, ताकि परियोजना में किसी तरह की देरी न हो। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड को डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है, और भूमि रजिस्ट्रेशन का यह वर्चुअल मॉडल उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

पोर्टल में होंगे तीन विकल्प उपलब्ध

उत्तराखंड में भूमि के क्रय-विक्रय की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनने जा रही है। राज्य सरकार ने भूमि रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन लाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इस परियोजना के तहत लागू होने वाले वर्चुअल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि विकसित किए जा रहे एप्लीकेशन/पोर्टल में भूमि की खरीद-फरोख्त से जुड़ी तीन सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे,पहले विकल्प के तहत, रजिस्ट्री के लिए दस्तावेज़ों के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में स्वयं उपस्थित होना होगा।

दूसरे विकल्प के तहत, बिना किसी दस्तावेज़ के (पेपरलेस) रजिस्ट्री कार्यालय में उपस्थित होकर रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। तीसरे विकल्प के तहत, बिना किसी मध्यस्थ के, ज़मीन की रजिस्ट्री वर्चुअली (ऑनलाइन) कराई जा सकेगी। बताया गया कि इस परियोजना को 1 अप्रैल, 2026 से पूरे राज्य में लागू करने का प्रयास किया जाएगा। यह मॉडल राज्य में पेपरलेस, समयबद्ध और पारदर्शी भूमि रजिस्ट्रेशन प्रणाली को साकार करेगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि इस परियोजना के लागू होने से न केवल भूमि लेन-देन की प्रक्रिया सरल और तेज होगी, बल्कि विभिन्न विभागों, निकायों, एजेंसियों और हितधारकों के बीच सटीक भूमि रिकॉर्ड साझा करना भी संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भूमि विवादों में उल्लेखनीय कमी लाएगी और नागरिकों को अत्यधिक सुविधा प्रदान करेगी।

 

 

 

Tags: breakingnewsdailynewslatestnewsuttarakhandnewsuttarakhandpage
Previous Post

पंचायत उपचुनाव में प्रत्याशियों के खर्च की सीमा तय, आयोग ने जारी किए दिशा-निर्देश..

Next Post

एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में ‘अन्वेषण-2025’ का सफल आयोजन..

Admin

Admin

Next Post
एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में ‘अन्वेषण-2025’ का सफल आयोजन..

एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में ‘अन्वेषण-2025’ का सफल आयोजन..

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://uttarakhandpage.com/wp-content/uploads/2026/01/Video-Nivesh_UK.mp4

Categories

Uncategorized (31) अपनी बात (11) उत्तराखंड (2687) कुमाऊँ (278) खेल-जगत (46) गढ़वाल (463) जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट (21) देश-दुनिया (444) पर्यटन (53) वायरल वीडियो (5) संस्कृति (4) सरकारी योजनाएँ (6)

Contact Details

Portal Name: uttarakhandpage

Name:  Ayush Raturi

Mobile:  7088882551

Email: uttarakhandpagenews@gmail.com

Address:  B-1 Block, H/N -142, First Floor Lane No 6, Mata Mandir Rd, Saraswati Vihar, Ajabpur Khurd Dehradun.

  • #2408 (no title)
  • उत्तराखंड
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य

Copyright © 2024 UTTARAKHAND-PAGE

No Result
View All Result
  • #2408 (no title)
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमाऊँ
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य
    • अपनी बात
    • वायरल वीडियो
    • जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट
    • सरकारी योजनाएँ

Copyright © 2024 UTTARAKHAND-PAGE

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In