प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, रामनगर के अधिकांश होमस्टे नियमों के खिलाफ संचालित..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की प्रमुख पर्यटन नगरी रामनगर में प्रशासन द्वारा चलाए गए विशेष होमस्टे जांच अभियान में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं। पर्यटन गतिविधियों के तेजी से बढ़ते विस्तार के बीच प्रशासन ने होमस्टे संचालन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संयुक्त टीमों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान अधिकांश होमस्टे नियमों का पालन करते नहीं पाए गए, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान के अनुसार प्रशासन की ओर से तीन संयुक्त टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने रामनगर तहसील क्षेत्र में संचालित कुल 59 होमस्टे का निरीक्षण किया। जांच में चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि केवल एक होमस्टे ऐसा मिला, जहां किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं पाई गई। वहीं एक अन्य होमस्टे को नियमों के तहत होटल में परिवर्तित किया गया था। इसके साथ ही बाकी 57 होमस्टे में अलग-अलग प्रकार की खामियां और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कई होमस्टे बिना आवश्यक पंजीकरण, लाइसेंस और जरूरी दस्तावेजों के संचालित हो रहे थे। कुछ स्थानों पर भवन निर्माण मानकों की अनदेखी भी सामने आई, जबकि कई जगह व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के रिकॉर्ड और अन्य जरूरी प्रावधानों में भी कमी पाई गई है। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि जांच में सामने आई सभी अनियमितताओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला पर्यटन विकास अधिकारी को भेज दी गई है। साथ ही संबंधित विभागों को भी आगे की कार्रवाई के लिए अवगत कराया गया है। उन्होंने साफ कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले होमस्टे संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध और नियम विरुद्ध तरीके से संचालित हो रहे होमस्टे व्यवसायियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि पर्यटन क्षेत्र में लगातार बढ़ती गतिविधियों के बीच यह जरूरी हो गया है कि सभी होमस्टे तय मानकों और नियमों के तहत ही संचालित हों, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। रामनगर और उसके आसपास के क्षेत्र बीते कुछ वर्षों में पर्यटन का बड़ा केंद्र बनकर उभरे हैं। खासतौर पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के आसपास स्थित छोई, क्यारी, ढीकुली, सांवल्दे, ढेला और सिमलखलिया जैसे इलाकों में होमस्टे व्यवसाय तेजी से बढ़ा है। हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों ने बड़े पैमाने पर होमस्टे शुरू किए हैं। प्रशासन अब पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार निगरानी और छापेमार अभियान चला रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह के निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे, ताकि पर्यटन व्यवस्था बेहतर बनी रहे और पर्यटकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।

