चारधाम यात्रा मार्ग पर हाईटेक स्वास्थ्य सुविधा, STEMI प्रोग्राम से बच रही जानें..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने इस बार विशेष इंतजाम किए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जो तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही हैं। खासतौर पर गंभीर हृदय रोगियों के लिए शुरू किया गया एसटीईएमआई (STEMI) प्रोग्राम कई लोगों के लिए जीवनदाता बनकर सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद चमोली में बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर 14 स्थानों पर ईसीजी जांच और थ्रोम्बोलिसिस जैसी आपातकालीन सुविधाएं शुरू की गई हैं। इन केंद्रों में बदरीनाथ धाम, जोशीमठ, गडोरा, मंडल, लंगासू, गौचर, गोविंदघाट और पीएचसी गौचर सहित कई प्रमुख पड़ाव शामिल हैं। इसके अलावा गंभीर हृदय रोगियों के इलाज के लिए जोशीमठ, गोपेश्वर और कर्णप्रयाग में विशेष थ्रोम्बोलिसिस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।
यात्रा के दौरान ऊंचाई और मौसम में अचानक बदलाव के कारण कई श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू की गई यह व्यवस्था काफी प्रभावी साबित हो रही है। विभाग के अनुसार अब तक 148 तीर्थयात्रियों की ईसीजी जांच की जा चुकी है। इनमें पांच श्रद्धालुओं की स्थिति गंभीर पाई गई, जिन्हें समय रहते उपचार उपलब्ध कराया गया। एक गंभीर मरीज को प्राथमिक उपचार देने के बाद बद्रीनाथ धाम से हेली एम्बुलेंस के माध्यम से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश रेफर किया गया। वहीं 47 तीर्थयात्रियों में हृदय संबंधी असामान्य लक्षण पाए गए, जिनका उपचार जारी है और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
एसीएमओ डॉ. वैष्णव कृष्णा के अनुसार सभी एसटीईएमआई केंद्रों पर आई-पैड युक्त डिजिटल ईसीजी मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। जांच रिपोर्ट तुरंत संबंधित चिकित्सालयों और स्वास्थ्य निदेशालय तक पहुंचाई जा रही है, जिससे मरीजों को बिना देरी उपचार मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार मिलने से कई गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकी है।
क्या है STEMI?
एसटी-सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (STEMI) हार्ट अटैक का अत्यंत गंभीर प्रकार माना जाता है। इस स्थिति में हृदय की कोरोनरी धमनी पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है, जिससे हृदय की मांसपेशियों तक रक्त प्रवाह रुक जाता है। यदि समय रहते इलाज न मिले तो मरीज की जान भी जा सकती है।
क्या है थ्रोम्बोलिसिस थेरेपी?
थ्रोम्बोलिसिस एक आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें रक्त वाहिकाओं में बने खून के थक्कों को विशेष दवाओं की मदद से घोलकर रक्त प्रवाह को सामान्य किया जाता है। इसे आम भाषा में “क्लॉट बस्टर थेरेपी” भी कहा जाता है। चारधाम यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग आने वाले दिनों में भी निगरानी और आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करने की तैयारी में जुटा है।

