हिमालयी क्षेत्र में कचरा फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई, डीएम ने जताई नाराजगी..
उत्तराखंड: विश्व प्रसिद्ध तुंगनाथ-चन्द्रशिला ट्रैक पर लगातार बढ़ रही गंदगी और प्लास्टिक कचरे को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के बीच स्वच्छता व्यवस्था बिगड़ने पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने संबंधित विभागों को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने साफ कहा कि हिमालयी क्षेत्रों को किसी भी हाल में कूड़ाघर नहीं बनने दिया जाएगा और स्वच्छता को लेकर लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने तुंगनाथ-चन्द्रशिला ट्रैक पर फैले प्लास्टिक और अन्य कचरे की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक ट्रैक पर पहुंच रहे हैं, लेकिन कई लोग प्लास्टिक बोतलें, खाद्य सामग्री के रैपर और अन्य अपशिष्ट खुले में छोड़ रहे हैं, जिससे प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि यह क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में यहां स्वच्छता बनाए रखना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रैक मार्ग पर कचरा निस्तारण के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने। बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि पूर्व में जारी निर्देशों के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से संयुक्त हस्ताक्षरित रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी आदेशों की अनदेखी और समन्वय की कमी को गंभीरता से लिया जाएगा।
डीएम ने ट्रैक मार्ग पर नियमित सफाई अभियान चलाने, कचरा संग्रहण केंद्र स्थापित करने और पर्यटकों को जागरूक करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता निगरानी के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वित अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन अब ट्रैक मार्ग पर प्लास्टिक उपयोग और कचरा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ट्रैक मार्ग पर निगरानी और सख्त की जाएगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ धार्मिक पर्यटन को भी व्यवस्थित रखा जा सके। प्रशासन का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखना और स्वच्छ पर्यटन को बढ़ावा देना है। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार दुबे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, जिला पूर्ति अधिकारी केएस कोहली, अभिहित अधिकारी मनोज कुमार सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
