यमुनोत्री धाम में बढ़ती भीड़ से बिगड़ी व्यवस्था, वन-वे सिस्टम पर उठे सवाल..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है और इसी के साथ यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भारी भीड़ के बीच व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ने लगा है, जिसके कारण यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धाम में बनाए गए वैकल्पिक वन-वे पैदल मार्ग का प्रभावी तरीके से पालन नहीं होने के कारण मंदिर परिसर, तप्तकुंड और पुल क्षेत्र में बार-बार जाम और धक्का-मुक्की की स्थिति बन रही है। कई श्रद्धालुओं को घंटों तक लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर हालात अफरा-तफरी जैसे दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रा व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों का कहना है कि पिछले दो दिनों में यात्रियों की संख्या में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन उसके अनुरूप व्यवस्थाओं को मजबूत नहीं किया गया। प्रशासन द्वारा भीड़ नियंत्रण के उद्देश्य से हनुमान मंदिर होते हुए एक वैकल्पिक वन-वे पैदल मार्ग तैयार किया गया था, ताकि आने और जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही अलग-अलग दिशा में बनी रहे और मंदिर क्षेत्र में भीड़ का दबाव कम हो सके। हालांकि जमीनी स्तर पर इस व्यवस्था का पूरी तरह पालन नहीं कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब भी कई श्रद्धालुओं को मुख्य पुल वाले मार्ग से सीधे मंदिर की ओर जाने दिया जा रहा है। विशेष रूप से वीआईपी दर्शन और विशेष पहुंच के नाम पर कुछ लोगों को निर्धारित मार्ग से अलग रास्तों से ले जाया जा रहा है, जिससे मुख्य मार्ग पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसका असर सबसे ज्यादा तप्तकुंड और संकरे पुल क्षेत्र में दिखाई दे रहा है, जहां दोनों दिशाओं से श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने पर हालात नियंत्रण से बाहर होने लगते हैं। यात्रा मार्ग पर मौजूद व्यापारियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन वन-वे व्यवस्था को पूरी सख्ती से लागू करे तो काफी हद तक अव्यवस्था और धक्का-मुक्की की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उनका सुझाव है कि यमुना आश्रम और कालिंदी आश्रम से होकर हनुमान मंदिर तक बनाए गए वैकल्पिक मार्ग को केवल एक दिशा की आवाजाही के लिए पूरी तरह लागू किया जाए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि भीड़ के कारण छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई लोगों को दर्शन के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ श्रद्धालु भीड़ में फंसकर घबराहट महसूस कर रहे हैं। यात्रियों ने प्रशासन से बेहतर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं को मजबूत नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। बड़कोट के कोतवाल सुभाष चंद्र ने कहा कि वन-वे पैदल मार्ग का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए अतिरिक्त निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। चारधाम यात्रा के दौरान लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था बनाए रखना है। आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना के बीच व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की परीक्षा भी लगातार कठिन होती जा रही है।
