Advertisement
  • मुख्य पृष्ठ
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमाऊँ
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य
    • अपनी बात
    • वायरल वीडियो
    • जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट
    • सरकारी योजनाएँ
Tuesday, September 29, 2026
No Result
View All Result
  • मुख्य पृष्ठ
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमाऊँ
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य
    • अपनी बात
    • वायरल वीडियो
    • जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट
    • सरकारी योजनाएँ
No Result
View All Result
No Result
View All Result

काली पट्टी बांधकर पढ़ रहे बच्चे, 17 दिन के कैंप में कराया जा रहा खास अभ्यास..

Admin by Admin
2026-09-28
in उत्तराखंड
0 0
0
काली पट्टी बांधकर पढ़ रहे बच्चे, 17 दिन के कैंप में कराया जा रहा खास अभ्यास..
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whats App

काली पट्टी बांधकर पढ़ रहे बच्चे, 17 दिन के कैंप में कराया जा रहा खास अभ्यास..

 

 

उत्तराखंड: आंखों पर पट्टी बांधकर किताब के शब्द पहचानना, रंगों के बारे में बताना और अलग-अलग वस्तुओं को छुए बिना उनके बारे में अनुमान लगाने जैसे अभ्यास इन दिनों उत्तराखंड के संस्कृत छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। देहरादून में आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्र ध्यान, एकाग्रता और ‘इनट्यूशन’ से जुड़े अभ्यास कर रहे हैं। इस पहल को उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा विभाग और ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संयुक्त प्रयास के तौर पर शुरू किया गया है। देहरादून स्थित श्री परशुराम चतुर्वेद विद्यालय में चल रहे 17 दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्रों के साथ शिक्षकों को भी अलग तरह की गतिविधियों से जोड़ा गया है।

छात्रों के लिए इनट्यूशन ट्रेनिंग, शिक्षकों के लिए आनंद कार्यक्रम
कार्यक्रम में छात्रों के लिए ‘इनट्यूशन ट्रेनिंग’ कराई जा रही है। इसमें ध्यान, एकाग्रता और विभिन्न अभ्यासों के जरिए बच्चों की एकाग्रता तथा आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान कुछ छात्र आंखों पर पट्टी बांधकर किताब के अक्षरों और रंगों को पहचानने जैसे अभ्यास करते दिखाई दे रहे हैं। आयोजकों के अनुसार इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों की आंतरिक समझ और एकाग्रता को विकसित करना है। हालांकि, ऐसे अभ्यासों को वैज्ञानिक रूप से किसी व्यक्ति की ‘छठी इंद्री’ या अलौकिक क्षमता का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। कार्यक्रम में इन्हें प्रशिक्षण गतिविधियों के रूप में कराया जा रहा है। वहीं शिक्षकों के लिए ‘आनंद कार्यक्रम’ रखा गया है। इसका उद्देश्य तनाव कम करने, सकारात्मक सोच विकसित करने और मानसिक रूप से बेहतर महसूस करने के लिए अभ्यास कराना है। आयोजकों का कहना है कि इससे शिक्षकों को रोजमर्रा के कार्यों में अधिक सहज और सकारात्मक माहौल बनाने में मदद मिलेगी।

चार संस्कृत संस्थानों के छात्र-शिक्षक शामिल
17 दिनों तक चलने वाले इस विशेष कैंप में उत्तराखंड के चार प्रमुख संस्कृत संस्थानों के छात्र-छात्राएं और शिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। इनमें श्री परशुराम चतुर्वेद विद्यालय, श्रीमद् दयानंद आर्ष ज्योतिर्मठ गुरुकुल, श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय और द्रोणस्थली आर्ष कन्या गुरुकुल महाविद्यालय शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, एकाग्रता और आत्मविश्वास से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए भी अलग गतिविधियां रखी गई हैं। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला मौजूद रहे। वहीं समापन सत्र में कैबिनेट मंत्री खजान दास ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने प्रशिक्षण के तहत किए जा रहे अलग-अलग अभ्यासों का प्रदर्शन किया। बच्चों की गतिविधियों को देखकर मंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाया और ऐसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों और शिक्षकों के समग्र विकास से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और मानसिक विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। उनके मुताबिक इस तरह के प्रशिक्षण संस्कृत शिक्षा के पारंपरिक स्वरूप के साथ आधुनिक गतिविधियों को जोड़ने का प्रयास हैं।

संस्कृत शिक्षा में अलग तरह का प्रयोग
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग तरह की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। पारंपरिक शिक्षा के साथ ध्यान, एकाग्रता, तनाव प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास जैसी गतिविधियों को जोड़ने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में छात्रों के लिए जहां एकाग्रता और ‘इनट्यूशन’ से जुड़े अभ्यास कराए जा रहे हैं, वहीं शिक्षकों को तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच से संबंधित गतिविधियों से जोड़ा गया है।फिलहाल 17 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान छात्रों और शिक्षकों को विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आयोजकों का जोर इस बात पर है कि पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों के मानसिक और व्यक्तिगत विकास पर भी ध्यान दिया जाए।

Tags: breakingnewsdailynewsuttarakhandnewsuttarakhandpage
Previous Post

उत्तरकाशी में सफल हुआ एयर रेस्क्यू, कालिंदी ट्रेक से 29 ट्रेकर्स को निकाला गया..

Next Post

उत्तराखंड में 136 ट्रेकर्स फंसे, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की तैयारी, 24 घंटे अलर्ट पर प्रशासन..

Admin

Admin

Next Post
उत्तराखंड में 136 ट्रेकर्स फंसे, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की तैयारी, 24 घंटे अलर्ट पर प्रशासन..

उत्तराखंड में 136 ट्रेकर्स फंसे, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की तैयारी, 24 घंटे अलर्ट पर प्रशासन..

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Categories

Uncategorized (37) अपनी बात (11) उत्तराखंड (2995) कुमाऊँ (279) खेल-जगत (48) गढ़वाल (466) जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट (21) देश-दुनिया (448) पर्यटन (53) वायरल वीडियो (5) संस्कृति (4) सरकारी योजनाएँ (6)

Contact Details

Portal Name: uttarakhandpage

Name:  Ayush Raturi

Mobile:  7088882551

Email: uttarakhandpagenews@gmail.com

Address:  B-1 Block, H/N -142, First Floor Lane No 6, Mata Mandir Rd, Saraswati Vihar, Ajabpur Khurd Dehradun.

  • #2408 (no title)
  • उत्तराखंड
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य

Copyright © 2024 UTTARAKHAND-PAGE

No Result
View All Result
  • #2408 (no title)
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमाऊँ
  • देश-दुनिया
  • संस्कृति
  • पर्यटन
  • खेल-जगत
  • अन्य
    • अपनी बात
    • वायरल वीडियो
    • जॉब्स एंड रिक्रूटमेंट
    • सरकारी योजनाएँ

Copyright © 2024 UTTARAKHAND-PAGE

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In