मानसून से पहले नगर निगम अलर्ट, मेयर ने सफाई और जलभराव रोकने के दिए निर्देश..
उत्तराखंड: मानसून के आगमन से पहले शहर में संभावित जलभराव, सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को नगर निगम कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मेयर सौरभ थपलियाल ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मानसून पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नालों की सफाई, जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति, गोशालाओं के संचालन तथा आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मेयर ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
मेयर ने अधिकारियों से कहा कि शहर में कूड़ा संग्रहण और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और जहां सफाई संबंधी शिकायतें अधिक मिल रही हैं, वहां विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब सफाई व्यवस्था की लगातार निगरानी हो और प्रत्येक क्षेत्र में निर्धारित समय पर कूड़ा उठान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से बचने के लिए मेयर ने संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार करने और वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख नालों और नालियों की सफाई समय रहते पूरी कर ली जाए, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित न हो। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर हर वर्ष जलभराव की समस्या सामने आती है, वहां अतिरिक्त संसाधनों और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण, मशीनरी और राहत व्यवस्था भी पूरी तरह तैयार रखने को कहा गया।
बैठक के दौरान नगर निगम द्वारा संचालित गोशालाओं की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मेयर ने अधिकारियों से कहा कि गोशालाओं में रह रहे पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि गोशालाओं का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए और पशुओं के रखरखाव में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। नियमित निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की निगरानी करने और आवश्यक सुधार तत्काल लागू करने पर भी जोर दिया गया। मेयर ने कहा कि मानसून के दौरान नगर निगम के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि सफाई, जल निकासी, कूड़ा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े सभी विभाग एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर कार्य करें, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि नगर निगम का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाए।
समयबद्ध तैयारियों पर रहेगा विशेष जोर
बैठक के अंत में मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून पूर्व सभी तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाए और प्रत्येक कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होनी चाहिए, ताकि शहरवासियों को जलभराव, गंदगी या अन्य नागरिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया जाएगा और जहां भी कमियां मिलेंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।
