सड़क सुरक्षा को स्कूल गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी..
2027 तक हर विद्यालय में बनेगा सुरक्षा समूह..
उत्तराखंड: सड़क हादसों को रोकने और बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए उत्तराखंड में शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा जनजागरूकता अभियान 2026-27’ शुरू किया गया है। इसके तहत विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और अभिभावकों को भी सड़क सुरक्षा के नियमों और सुरक्षित यातायात व्यवहार की जानकारी दी जाएगी। अभियान का उद्देश्य स्कूली स्तर से ही बच्चों में सड़क पर सुरक्षित रहने की आदत विकसित करना है। राज्य समन्वयक विनय थपलियाल के अनुसार शिक्षा के माध्यम से सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाकर सुरक्षित उत्तराखंड की दिशा में काम किया जाएगा।
गतिविधियों के जरिए समझेंगे यातायात नियम
अभियान के लिए विशेष ‘सड़क सुरक्षा—जीवन रक्षा’ शिक्षण सामग्री तैयार की गई है। इसमें यातायात संकेतों की पहचान, हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल के साथ सुरक्षित सड़क व्यवहार को गतिविधियों के माध्यम से समझाने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए पहले चरण में 60 मुख्य प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) से 26 प्रवक्ता, 13 जिलों से 26 शिक्षक और एससीईआरटी के आठ संकाय सदस्य शामिल होंगे।
13 जिलों में 780 शिक्षक होंगे प्रशिक्षित
मुख्य प्रशिक्षकों के माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जिलों में कुल 780 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ये शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों, अभिभावकों और पूरे विद्यालय समुदाय के बीच सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी साझा करेंगे। इस पहल में शिक्षकों को केवल यातायात नियमों की जानकारी देने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि बच्चों को रोजमर्रा की परिस्थितियों में सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर रहेगा।अभियान के दौरान विद्यालयों में सड़क सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद, भाषण, निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। इसके साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई जाएगी। माह के अंतिम शनिवार को आयोजित होने वाले ‘बिना बस्ते के दिन’ और खाली समय की गतिविधियों का इस्तेमाल भी सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए किया जाएगा।
हर स्कूल में बनेगा सड़क सुरक्षा कॉर्नर
एससीईआरटी की योजना के तहत विद्यालयों में सड़क सुरक्षा कोना और सड़क सुरक्षा समूह विकसित किए जाएंगे। इनका इस्तेमाल बच्चों को नियमित रूप से यातायात नियमों और सुरक्षित सड़क व्यवहार की जानकारी देने के लिए किया जाएगा। एससीईआरटी ने वर्ष 2027 तक प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में सड़क सुरक्षा समूह और कोनों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। इससे सड़क सुरक्षा को केवल एक अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे विद्यालयी गतिविधियों का नियमित हिस्सा बनाने की कोशिश की जाएगी।


