राशन कार्ड के आंकड़े जारी, प्रदेश में 32,140 नए कार्ड बने, हजारों कार्डों की छंटनी..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में नए राशन कार्ड बनाने और परिवार के सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने आंकड़े जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार, 1 मई से 7 अक्टूबर 2026 के बीच प्रदेश में 32,140 नए राशन कार्ड जारी किए गए, जबकि 45,448 के मुकाबले नहीं, बल्कि कुल 45,448 नई यूनिट नहीं; उपलब्ध आंकड़े के अनुसार 82,137 यूनिट जोड़ी गईं। इसी अवधि में 20,784 राशन कार्ड और 82,137 नहीं, बल्कि कुल 82,137 यूनिट जोड़ी गईं तथा 82,137 यूनिट जोड़ने के आंकड़े के साथ दी गई जानकारी के अनुसार 82,137 यूनिट जोड़ने और छंटनी के आंकड़ों में अंतर स्पष्ट किया जाना आवश्यक है। सरकार का कहना है कि राशन कार्ड से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं में बदलाव केंद्र सरकार की स्मार्ट पीडीएस योजना के तहत किया गया। पुराने सॉफ्टवेयर की जगह यूनिफाइड राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम (URCMS) लागू करने के दौरान डेटा स्थानांतरित करने और तकनीकी तैयारियां पूरी करने में समय लगा। हालांकि, विभाग के मुताबिक मई 2026 से नई व्यवस्था के तहत राशन कार्ड बनाने का काम फिर से सुचारू रूप से चल रहा है।
विधानसभा में उठा था पोर्टल का मुद्दा
गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान विधायक उमेश कुमार ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्य से नए पोर्टल की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल किया था। उन्होंने पूछा था कि क्या पोर्टल के ठीक से काम नहीं करने के कारण राशन कार्ड में नए सदस्यों के नाम दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। इस समस्या का असर आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पर पड़ने की आशंका भी जताई गई थी। विधायक ने चिंता जाहिर की थी कि राशन कार्ड नहीं बनने या परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज न होने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।
फरवरी से अप्रैल तक हुआ सॉफ्टवेयर का बदलाव
सरकार की ओर से बताया गया कि फरवरी 2026 तक राशन कार्ड बनाने का काम राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के RCMS सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जा रहा था। केंद्र सरकार के निर्देश पर स्मार्ट पीडीएस योजना के अंतर्गत देशभर में एकीकृत सॉफ्टवेयर URCMS लागू करने का निर्णय लिया गया। उत्तराखंड में 26 फरवरी 2026 से पुराने सिस्टम से नए पोर्टल पर डेटा स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो 30 अप्रैल तक चली। इस दौरान रिकॉर्ड स्थानांतरित करने, यूजर आईडी तैयार करने, अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपने, प्रशिक्षण देने और सॉफ्टवेयर की जांच जैसे कार्य किए गए। सरकार के अनुसार, मई से नई प्रणाली पर नियमित रूप से काम हो रहा है और अंत्योदय, प्राथमिक परिवार तथा राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत नए राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक नए कार्ड
जिलावार आंकड़ों के मुताबिक, हरिद्वार में सबसे अधिक 5,664 नए राशन कार्ड जारी किए गए और 9,234 नई यूनिट जोड़ी गईं। जिले में 4,497 कार्ड और 18,992 यूनिट हटाई भी गईं। ऊधमसिंह नगर में 5,283 नए कार्ड बने और 7,301 यूनिट जोड़ी गईं। यहां 1,801 राशन कार्ड तथा 7,310 यूनिट सूची से हटाई गईं। देहरादून में 4,566 नए राशन कार्ड जारी हुए और 6,206 यूनिट जोड़ी गईं। वहीं, 4,838 कार्ड और 18,956 यूनिट रिकॉर्ड से हटाई गईं। नैनीताल में 3,870 नए कार्ड बने और 5,212 यूनिट जोड़ी गईं, जबकि 886 कार्ड और 3,957 यूनिट हटाई गईं।
पहाड़ी जिलों में भी जारी रही प्रक्रिया
पर्वतीय जिलों में भी नए राशन कार्ड जारी करने और परिवार के सदस्यों के नाम जोड़ने का काम हुआ। टिहरी गढ़वाल में 1,810 कार्ड और 2,604 यूनिट जोड़ी गईं। चमोली में 1,790 कार्ड जारी हुए और 2,617 यूनिट दर्ज की गईं। पौड़ी गढ़वाल में 1,762 नए कार्ड बने और 2,156 यूनिट जोड़ी गईं। चम्पावत में 1,664 कार्ड और 2,287 यूनिट, पिथौरागढ़ में 1,583 कार्ड और 2,048 यूनिट तथा रुद्रप्रयाग में 1,210 कार्ड और 1,720 यूनिट जोड़ी गईं।अल्मोड़ा में 1,177 नए कार्ड के साथ 1,656 यूनिट दर्ज हुईं। उत्तरकाशी में 986 कार्ड और 1,397 यूनिट, बागेश्वर में 775 कार्ड और 1,010 यूनिट जोड़ी गईं।इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि नए पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के मैदानी और पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, पोर्टल की उपलब्धता और राशन कार्ड के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनवाने में आने वाली संभावित समस्याओं के संबंध में विभागीय स्थिति और संबंधित पात्रता नियमों की अलग से पुष्टि जरूरी है।
