पूर्व सैनिक परिवारों के युवाओं को मिला रोजगार, गणेश जोशी ने सौंपे नियुक्ति पत्र..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आयोजित रोजगार मेले में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिले। सैनिक कल्याण विभाग और आईटीडीए के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस मेले में 21 निजी कंपनियों ने हिस्सा लिया और कुल 195 पूर्व सैनिक आश्रित युवाओं का चयन कर उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद युवाओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और कई परिवारों को आर्थिक मजबूती की नई उम्मीद मिली। कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि सैनिकों ने अपने सेवाकाल में देश और समाज की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके परिवारों को भी हर संभव सहयोग और अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिनका उद्देश्य उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा अनुदान, छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता और कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी योजनाओं के माध्यम से सैनिक परिवारों को सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
प्रशिक्षण के बाद मिला रोजगार
रोजगार मेले में शामिल युवाओं को पहले कंप्यूटर और तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया था, ताकि वे आधुनिक रोजगार की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें। प्रशिक्षण के बाद विभिन्न कंपनियों द्वारा उनका चयन किया गया। चयनित युवाओं ने कहा कि नौकरी मिलने के बाद अब वे अपने परिवार पर बोझ बनने के बजाय परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहयोग कर सकेंगे। कई युवाओं ने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण और रोजगार की सुविधा मिलने से उनके आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई है। उनका मानना है कि इस तरह के आयोजन पूर्व सैनिक परिवारों के युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।
सैनिक कल्याण विभाग की उपनिदेशक निधि बधानी ने कहा कि विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सैनिकों के परिवार सेवाकाल के बाद किसी प्रकार की आर्थिक या सामाजिक परेशानी का सामना न करें। विभाग लगातार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सहायता उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिक परिवारों के बच्चों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वे बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
सैकड़ों युवाओं को मिल चुका है प्रशिक्षण..
विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में सैनिक कल्याण विभाग और आईटीडीए के संयुक्त प्रयासों से 628 पूर्व सैनिक आश्रितों को कंप्यूटर और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में भी 227 आश्रित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। इससे पहले जनवरी 2024 में आयोजित रोजगार मेले में भी 22 पूर्व सैनिक आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया गया था। विभाग का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह के रोजगार मेलों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। राज्य सरकार का मानना है कि पूर्व सैनिकों के परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना समाज और राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी सोच के साथ सरकार आगे भी सैनिक परिवारों के कल्याण और रोजगार सृजन के लिए नई योजनाओं पर काम करती रहेगी।
