शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों की बनेगी सूची, उत्तराखंड में भर्ती को लेकर बढ़ी उम्मीद..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे डीएलएड प्रशिक्षित युवाओं के लिए उम्मीद बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। प्राथमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के स्कूलों में खाली पड़े सहायक अध्यापक (प्राथमिक) के पदों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। विभाग की इस कवायद को आने वाले समय में शिक्षक भर्ती की संभावित तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि विभाग ने केवल मौजूदा रिक्तियों की जानकारी ही नहीं मांगी है, बल्कि ऐसे विद्यालयों का भी विवरण तलब किया है जहां फिलहाल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई संचालित हो रही है। इसके साथ ही मार्च 2027 तक संभावित रूप से खाली होने वाले पदों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
जिलों से मांगी गई रिक्त पदों की जानकारी
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (प्राथमिक शिक्षा) को पत्र भेजकर सहायक अध्यापक के रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। जिलों से तय प्रारूप में 30 सितंबर 2026 तक की स्थिति के आधार पर आंकड़े मांगे गए हैं। विभाग की ओर से एकल शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों की सूची भी तैयार की जा रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन स्कूलों में शिक्षकों की सबसे ज्यादा जरूरत है और कहां अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। शिक्षा विभाग ने जिलों को मौजूदा रिक्तियों के साथ भविष्य में खाली होने वाले पदों की जानकारी भी देने को कहा है। इसमें मार्च 2027 तक सेवानिवृत्ति या अन्य कारणों से रिक्त होने वाले संभावित पद शामिल हैं। इस पूरी कवायद से विभाग को प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की वास्तविक आवश्यकता का आंकड़ा तैयार करने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।
डीएलएड प्रशिक्षित युवाओं की मांग के बाद तेज हुई प्रक्रिया
प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने और एकल शिक्षक वाले स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ ने 7 सितंबर 2026 को शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में प्राथमिक स्कूलों में खाली पदों पर नियुक्ति करने की मांग रखी गई थी। इसके बाद महानिदेशालय की ओर से 18 सितंबर 2026 को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। इन्हीं निर्देशों के आधार पर अब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से रिक्तियों और एकल शिक्षक विद्यालयों का विवरण जुटाना शुरू किया है। हालांकि, विभाग की ओर से फिलहाल प्राथमिक शिक्षक भर्ती का औपचारिक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। ऐसे में रिक्त पदों का ब्योरा मांगे जाने को भर्ती की तैयारी की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। जिलों से आंकड़े मिलने के बाद ही पदों की वास्तविक संख्या और आगे की भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
