नशे के खिलाफ एकजुट होगा जिला, विद्यार्थियों से कर्मचारियों तक लेंगे शपथ..
उत्तराखंड: देहरादून में नशीली दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को अब और व्यापक किया जाएगा। जिले में ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित विशेष शपथ कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ाकर 18 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। अभियान के दौरान स्कूल-कॉलेजों से लेकर सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक संस्थानों और स्थानीय निकायों तक लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जाएगा। प्रशासन ने अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शपथ कार्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित किए जा सकेंगे। इसके लिए शिक्षण संस्थानों, सरकारी विभागों, औद्योगिक इकाइयों, होटल-होम स्टे, हॉस्टल और खेल संस्थानों को अभियान से जोड़ा जा रहा है।
छात्र-छात्राओं से लेकर कर्मचारियों तक होंगे शामिल
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अभियान में कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में पढ़ने वाले युवाओं को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिक, स्थानीय नागरिक और महिला स्वयं सहायता समूह भी अभियान का हिस्सा बनाए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाकर नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। जो लोग कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सकते, वे ऑनलाइन भी नशामुक्ति की शपथ ले सकेंगे। इसके लिए निर्धारित क्यूआर कोड या आधिकारिक ई-शपथ पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऑनलाइन शपथ लेने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र डाउनलोड करना होगा। संबंधित संस्थानों को शपथ कार्यक्रम में शामिल लोगों की जानकारी और प्रमाण-पत्रों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
18 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और संस्थानों से कहा है कि अभियान की अवधि के दौरान अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए। आयोजित कार्यक्रमों के फोटोग्राफ और निर्धारित विवरण भी संबंधित विभाग को उपलब्ध कराने होंगे। अभियान के जरिए प्रशासन का फोकस खासतौर पर युवाओं और विद्यार्थियों के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर है। स्कूलों और कॉलेजों में होने वाली गतिविधियों के माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, अभियान को केवल शपथ कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए विभिन्न संस्थानों और सामाजिक समूहों की भागीदारी के जरिए इसे व्यापक जनजागरूकता गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
